dil ga.e aafat aayi jaanon par | दिल गए आफ़त आई जानों पर

  - Meer Taqi Meer
दिलगएआफ़तआईजानोंपर
येफ़सानारहाज़बानोंपर
इश्क़मेंहोशसब्रसुनतेथे
रखगएहाथसोतोकानोंपर
गरचेइंसानहैंज़मींसेवले
हैंदिमाग़उनकेआसमानोंपर
शहरकेशोख़सादा-रूलड़के
ज़ुल्मकरतेहैंक्याजवानोंपर
अर्शदिलदोनोंकाहैपायाबुलंद
सैररहतीहैउनमकानोंपर
जबसेबाज़ारमेंहैतुझसीमता
भीड़हीरहतीहैदुकानोंपर
लोगसरदेनेजातेहैंकबसे
यारकेपाँवकेनिशानोंपर
कजीओबाशकीहैवोदर-बंद
डालेफिरताहैबंदशानोंपर
कोईबोलाक़त्लमेंमेरे
मोहरकीथीमगरदहानोंपर
यादमेंउसकेसाक़-ए-सीमींकी
देदेमारूँहूँहाथरानोंपर
थेज़मानेमेंख़र्चीजिनकीरूपे
फाँसाकरतेहैंउनकोआनोंपर
ग़मग़ुस्साहैहिस्सेमेंमेरे
अबमईशतहैउनहीखानोंपर
क़िस्सेदुनियामें'मीर'बहुतसुने
रखोगोशउनफ़सानोंपर
  - Meer Taqi Meer
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