दिलकेतींआतिश-ए-हिज्राँसेबचायानगया
घरजलासामनेपरहमसेबुझायानगया
दिलमेंरह-ए-दिलमेंकिमें'मार-ए-क़ज़ासेअबतक
ऐसामतबू-ए-मकाँकोईबनायानगया
कभू'आशिक़कातिरेजबहेसेनाख़ुनकाख़राश
ख़त-ए-तक़्दीरकेमानिंदमिटायानगया
क्यातुनुक-हौसलाथेदीदा-ओ-दिलअपनेआह
एकदमराज़-ए-मोहब्बतकाछुपायानगया
दिलजोदीदारकाक़ातिलकेबहुतभूकाथा
उससितम-कुश्तासेइकज़ख़्मभीखायानगया
मैंतोथासैद-ए-ज़बूँसैद-गह-ए-इश्क़केबीच
आपकोख़ाकमेंभीख़ूबमिलायानगया
शहर-ए-दिल-ए-आहअजबजाएथीपरउसकेगए
ऐसाउजड़ाकिकिसीतरहबसायानगया
आजरुकतीनहींख़ा
मेंकीज़बाँरखिएमुआ'फ़
हर्फ़कातूलभीजोमुझसेघटायानगया