aage hamaare ahd se vehshat ko ja na thii | आगे हमारे अहद से वहशत को जा न थी

  - Meer Taqi Meer
आगेहमारेअहदसेवहशतकोजाथी
दीवानगीकसोकीभीज़ंजीर-ए-पाथी
बेगानासालगेहैचमनअबख़िज़ाँमेंहाए
ऐसीगईबहारमगरआश्नाथी
कबथायेशोर-ए-नौहातिराइश्क़जबथा
दिलथाहमाराआगेतूमातम-सराथी
वोऔरकोईहोगीसहरजबहुईक़ुबूल
शर्मिंदा-ए-असरतोहमारीदु'आथी
आगेभीतेरेइश्क़सेखींचेथेदर्द-ओ-रंज
लेकिनहमारीजानपरऐसीबलाथी
देखेदयार-ए-हुस्नकेमेंकारवाँबहुत
लेकिनकसोकेपासमता-ए-वफ़ाथी
आईपरीसीपर्दा-ए-मीनासेजामतक
आँखोंमेंतेरीदुख़्तर-ए-रज़क्याहयाथी
इसवक़्तसेक्याहैमुझेतोचराग़-ए-वक़्फ़
मख़्लूक़जबजहाँमेंनसीम-ओ-सबाथी
पज़मुर्दाइसक़दरहैंकिहैशुबहहमको'मीर'
तनमेंहमारेजानकभूथीभीयाथी
  - Meer Taqi Meer
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