jab junoon se ha | जब जुनूँ से हमें तवस्सुल था

  - Meer Taqi Meer
जबजुनूँसेहमेंतवस्सुलथा
अपनीज़ंजीर-ए-पाहीकाग़ुलथा
बिस्तराथाचमनमेंजोंबुलबुल
नालासर्माया-ए-तवक्कुलथा
यकनिगहकोवफ़ाकीगोया
मौसम-ए-गुलसफ़ीर-ए-बुलबुलथा
उननेपहचानकरहमेंमारा
मुँहकरनाइधरतजाहुलथा
शहरमेंजोनज़रपड़ाउसका
कुश्ता-ए-नाज़यातग़ाफ़ुलथा
अबतोदिलकोताबहैक़रार
याद-ए-अय्यामजबतहम्मुलथा
जाफँसादाम-ए-ज़ुल्फ़मेंआख़िर
दिलनिहायतहीबे-ताम्मुलथा
यूँँगईक़दकेख़महुएजैसे
उम्रइकरहरवसर-ए-पुलथा
ख़ूबदरयाफ़्तजोकियाहमने
वक़्त-ए-ख़ुश'मीर'निकहत-ए-गुलथा
  - Meer Taqi Meer
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