dhuaan banaa ke fazaa men uda diya mujhko | धुआँ बना के फ़ज़ा में उड़ा दिया मुझको

  - Meer Nazeer Baqri
धुआँबनाकेफ़ज़ामेंउड़ादियामुझको
मैंजलरहाथाकिसीनेबुझादियामुझको
तरक़्क़ियोंकाफ़सानासुनादियामुझको
अभीहँसाभीथाऔररुलादियामुझको
मैंएकज़र्राबुलंदीकोछूनेनिकलाथा
हवानेथमकेज़मींपरगिरादियामुझको
सफ़ेदसंगकीचादरलपेटकरमुझपर
फ़सील-ए-शहरपेकिसनेसजादियामुझको
खड़ाहूँआजभीरोटीकेचारहर्फ़लिए
सवालयेहैकिताबोंनेक्यादियामुझको
जानेकौनसाजज़्बाथाजिसनेख़ुदही'नज़ीर'
मिरीहीज़ातकादुश्मनबनादियामुझको
  - Meer Nazeer Baqri
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