apni aankhoñ ke samundar men utar jaane de | अपनी आँखों के समुंदर में उतर जाने दे

  - Meer Nazeer Baqri
अपनीआँखोंकेसमुंदरमेंउतरजानेदे
तेरामुजरिमहूँमुझेडूबकेमरजानेदे
नएदोस्तमैंसमझूँगातुझेभीअपना
पहलेमाज़ीकाकोईज़ख़्मतोभरजानेदे
ज़ख़्मकितनेतिरीचाहतसेमिलेहैंमुझको
सोचताहूँकिकहूँतुझसेमगरजानेदे
आगदुनियाकीलगाईहुईबुझजाएगी
कोईआँसूमिरेदामनपेबिखरजानेदे
साथचलनाहैतोफिरछोड़देसारीदुनिया
चलपाएतोमुझेलौटकेघरजानेदे
ज़िंदगीमैंनेइसेकैसेपिरोयाथासोच
हारटूटाहैतोमोतीभीबिखरजानेदे
इनअँधेरोंसेहीसूरजकभीनिकलेगा'नज़ीर'
रातकेसाएज़राऔरनिखरजानेदे
  - Meer Nazeer Baqri
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