क्याबताऊँक्यूँमेरीरातेंसँवरतीहीनहीं
दूरियाँघटतीनहींनज़दीकियाँबढ़तीनहीं
मैंअगरउसकेबिरहकीआगमेंतपतीनहीं
तोमेरीइसरूहकीरंगतनिखरतीहीनहीं
इकझलकसेउसकीमेराहालयूँँबेहालहै
साँसभीआतीनहींयेजानभीजातीनहीं
उससमुंदरसेमिलनकीआरज़ूकैसेकरूँँ
प्यासजिसकीएकदरियासेकभीबुझतीनहीं
बे-झिझकहोकरमेरेख़ातिरबरसतावोरहा
औरमैंशर्म-ओ-हयाओढ़ेरहीभीगीनहीं
बादलोंकीक़ैदमेंथाचाँदउसकारातभर
इसलिएआँगनमेंउसकेचाँदनीबिखरीनहीं
ख़्वाहिशोंकेआसमाँपरज़ीस्तकरतेहैंबसर
आशिक़ोंकेपाँवकेनीचेज़मींहोतीनहीं