usne bas rasm-e-aashiqi kii hai | उसने बस रस्म-ए-आशिक़ी की है

  - Meena Bhatt
उसनेबसरस्म-ए-आशिक़ीकीहै
नाम-ए-उल्फ़तपेदिल-लगीकीहै
हरनफ़सहमनेआख़िरीकीहै
इश्क़मेंजैसेख़ुद-कुशीकीहै
नफ़रतोंकेजहानमेंहमने
बसमुहब्बतसेदोस्तीकीहै
दूरपलमेंहुएहैंग़मसारे
इश्क़नेख़ूबसाहिरीकीहै
होमुलाक़ातउसकीसागरसे
बसयहीख़्वाहिशइकनदीकीहै
जामछलकेहैंफिरसेउल्फ़तके
क्यासबानेभीसर
ख़ुशीकीहै
दर्दहैग़महैऔरकसकदिलमें
बसहक़ीक़तयेज़िंदगीकीहै
शौक़बच्चोंकापूराकरनेको
अपनेख़र्चोंमेंकुछकमीकीहै
होमुकम्मलभीयेग़ज़लमीना
बादमुद्दतकेशा'इरीकीहै
  - Meena Bhatt
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