bhool nafrat tukhm-e-ulfat rakh lo bone ke li.e | भूल नफ़रत तुख़्म-ए-उल्फ़त रख लो बोने के लिए

  - Meena Bhatt
भूलनफ़रततुख़्म-ए-उल्फ़तरखलोबोनेकेलिए
प्यारमेंडूबोकिसीकेतुमभीहोनेकेलिए
ख़्वाबजोमेरेलिएदेखेमुकम्मलहोगए
आयाहूँमाँतेरेक़दमोंकोहीधोनेकेलिए
रहनुमाकोईसच्चाहमकोमिलपायाकभी
नाख़ुदाजोभीमिलाकश्तीडुबोनेकेलिए
इश्क़मेरायेमुकम्मलहोपायाहैकभी
हसरतेंबाक़ीरहीहैंअबभीरोनेकेलिए
ज़ीस्तदेताहैख़ुदासपनेसजाओतुमसभी
येनहींहोतीनशेमेंबसडुबोनेकेलिए
हाथतेराथानहींमेंहदीरचेइनहाथोंमें
सारेहीवोख़्वाबथेबसदेखसोनेकेलिए
चाहतेंसागरकीथीपरशबनमीबूँदेंमिलीं
हमकोआँसूहीमिलेहैंज़ख़्मधोनेकेलिए
हमनवाकोईऔरहमदर्दभीउनकानहीं
ज़ीस्तमुफ़लिसकोमिलीहैबोझढ़ोनेकेलिए
कोईऐसातोमिलेमीनाकहेंहमभीग़ज़ल
क़ीमतीमोतीयेलफ़्ज़ोंकेपिरोनेकेलिए
  - Meena Bhatt
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