maah-roo sa nikhar gaya mausam | माह-रू सा निखर गया मौसम

  - Meena Bhatt
माह-रूसानिखरगयामौसम
उनकोदेखाठहरगयामौसम
मुस्कुराकरचलेवोजिसजानिब
चुपकेचुपकेउधरगयामौसम
लम्हालम्हातुम्हारीयादोंका
जानेकबकागुज़रगयामौसम
मैंनेचाहाकुरेदूँइनकोमगर
ज़ख़्मदिलकेयेभरगयामौसम
शादमाँतितलियाँथींभँवरेथे
फिरबताओकिधरगयामौसम
नौ-बहार-ए-चमनकेवादेसे
रफ़्तारफ़्तामुकरगयामौसम
आरज़ूहमकोजिनकीथी'मीना'
दिलमेंख़ुशियाँवोभरगयामौसम
  - Meena Bhatt
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