kahaan ye waqt ham pe meherbaan tha | कहाँ ये वक़्त हम पे मेहरबाँ था

  - Meena Bhatt
कहाँयेवक़्तहमपेमेहरबाँथा
ग़मोंकाहरतरफ़फैलाधुआँथा
हमेशाइश्क़मेंतोइम्तिहाँथा
सितमलाखोंसहेपरबेज़ुबाँथा
पड़ेथेइश्क़मेंहमभीकिसीके
कभीसीनेमेंदिलअपनेजवाँथा
सुकूँथाऔरख़ुशियाँभीथींदिलमें
कभीजबगाँवमेंमेरामकाँथा
लुटाताजानथामैंतोतुम्हींपर
यक़ींलेकिनसनमतुमकोकहाँथा
सर-ए-बाज़ारहीरुसवाकरेवो
हमेंजिसलालपेअपनेगुमाँथा
मुकम्मलथाइरादोंकाजहाँवो
किसीकेदिलमेंअपनाआशियाँथा
  - Meena Bhatt
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