ghazal men qaafiya umdaa na sheron men ravaani hai | ग़ज़ल में क़ाफ़िया उम्दा न शे'रों में रवानी है

  - Meena Bhatt
ग़ज़लमेंक़ाफ़ियाउम्दाशे'रोंमेंरवानीहै
कहेगाकौनतेरीशा'इरीयेख़ानदानीहै
रखीहैबाँधकेसिरपेवहीपगड़ीपुरानीहै
कहेंक्याआपसेयेतोबुज़ुर्गोंकीनिशानीहै
गयाबचपनसुहानाआईहैरंगीजवानीये
जादूकीछड़ीकोईपरियोंकीकहानीहै
दिनमेंचैनहीमिलताआतीनींदरातोंको
बड़ीहैफ़िक्रवालिदकोहुईबेटीसयानीहै
गएजबसेफ़िराक़-ओ-मीरइसदुनिया-ए-फानीसे
सुख़नमेंपहलेसीरौनक़ग़ज़लोंमेंबयानीहै
बिनाउसकीरज़ाकेशाख़कापत्तानहींहिलता
ज़मींमेंदेखिएहरसूख़ुदाकीहुक्मरानीहै
सुख़नकीहरगलीमेंचर्चाहैमीनातुम्हारापर
मियाँग़ालिबकीग़ज़लोंकानहींकोईभीसानीहै
  - Meena Bhatt
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