छुपानेकीहरिकरंज-ओ-अ़लमतासीररखतेहैं
अयाँचेहरेसेकबहैजोजिगरमेंपीररखतेहैं
बुलन्दीपरवहीअपनीयहाँतक़दीररखतेहैं
जोहरइककामकरनेकीहसींतदबीररखतेहैं
कभीदिलसेलगातेहैंकभीख़तचूमतेहैंवो
सजाकरअपनीआँखोंमेंमेरीतहरीररखतेहैं
लिखाहैजोहथेलीपरकभीवोमिटनपाएगा
हुनरकेसाथहमउस
मेंनईतनवीररखतेहैं
यहाँऐसेसुख़नवरभीहैंजिनकोशे'रकहनेका
सलीक़ाकुछनहींलेकिनतख़ल्लुसमीररखतेहैं
हुनरआताहैउनकोक़त्लकरकेगरछुपानेका
नज़रहमभीमगरअपनीमिसालेतीररखतेहैं
जिसेचाहेंनिगाहोंसेउसेपागलबनाडालें
निगाहोंमेंसनमअपनीयेहमतासीररखतेहैं
ग़ज़लगोईकाजिसमाँनेहुनरहमकोदियामीना
नज़रकेसामनेउसकीसदातस्वीररखतेहैं