na poochho kaise guzri shab hamaari hijr-e-jaanan men | न पूछो कैसे गुज़री शब हमारी हिज्र-ए-जानाँ में

  - Meem Maroof Ashraf
पूछोकैसेगुज़रीशबहमारीहिज्र-ए-जानाँमें
रहीहैदिलकोशब-भरबे-क़रारीहिज्र-ए-जानाँमें
जुदाकुछयूँँहुआथावोकिख़ुशियाँलेगयासारी
सोअबक्याहैफ़क़तहैआह-ओ-ज़ारीहिज्र-ए-जानाँमें
दवामरहमतोक्यायेवक़्तसेभीभरनहींसकता
मिलाहैहमकोऐसाज़ख़्म-ए-कारीहिज्र-ए-जानाँमें
फ़क़तइकबातहैकुनकीमिरेमौलाअगरकहदे
तिरेदरपरखड़ाहैइकभिकारीहिज्र-ए-जानाँमें
कभीशिद्दतसेयादआईलिपटकररोलिएख़ुदस
गुज़ारीहमनेयूँँहीउम्रसारीहिज्र-ए-जानाँमें
  - Meem Maroof Ashraf
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