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Meem Maroof Ashraf
dekh kar mujh ko log kahte hain
dekh kar mujh ko log kahte hain | देख कर मुझ को लोग कहते हैं
- Meem Maroof Ashraf
देख
कर
मुझ
को
लोग
कहते
हैं
है
मुझे
आज
भी
तुम्हारा
दुख
- Meem Maroof Ashraf
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ये
लोग
कौन
हैं
आख़िर
कहाँ
से
आते
हैं
जो
जिस्म
नोच
के
फिर
बेटियाँ
जलाते
हैं
Shajar Abbas
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बस-कि
दुश्वार
है
हर
काम
का
आसाँ
होना
आदमी
को
भी
मुयस्सर
नहीं
इंसाँ
होना
Mirza Ghalib
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तलब
करें
तो
ये
आँखें
भी
इन
को
दे
दूँ
मैं
मगर
ये
लोग
इन
आँखों
के
ख़्वाब
माँगते
हैं
Abbas rizvi
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अपनी
हस्ती
का
भी
इंसान
को
इरफ़ांन
हुआ
ख़ाक
फिर
ख़ाक
थी
औक़ात
से
आगे
न
बढ़ी
Shakeel Badayuni
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कुछ
लोग
हैं
जो
झेल
रहे
हैं
मुसीबतें
कुछ
लोग
हैं
जो
वक़्त
से
पहले
बदल
गए
Shakeel Jamali
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शरीफ़
इंसान
आख़िर
क्यूँ
इलेक्शन
हार
जाता
है
किताबों
में
तो
ये
लिक्खा
था
रावन
हार
जाता
है
Munawwar Rana
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सारे
ग़म
भूल
गए
आपके
रोने
पे
मुझे
किसको
ठंडक
में
पसीने
का
ख़्याल
आता
है
आखरी
उम्र
में
जाते
है
मदीने
हम
लोग
मरने
लगते
है
तो
जीने
का
ख़याल
आता
है
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Nadir Ariz
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जो
लोग
ख़ुद
न
करते
थे
होंठों
से
पान
साफ़
पलकों
से
कर
रहे
हैं
तेरा
पायदान
साफ़
Charagh Sharma
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बहुत
से
लोग
हैं
तस्वीर
में
अच्छे
बहुत
अच्छे
तेरे
चेहरे
पे
ही
मेरी
नज़र
हरदम
ठहरती
है
Umesh Maurya
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मिरी
ज़बान
के
मौसम
बदलते
रहते
हैं
मैं
आदमी
हूँ
मिरा
ए'तिबार
मत
करना
Asim Wasti
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बहुत
संयम
बरतना
पड़
रहा
है
तुम्हारे
बिन
जो
रहना
पड़
रहा
है
ये
रस्ता
तो
उचित
बिलकुल
नहीं
है
क़दम
लेकिन
उठाना
पड़
रहा
है
कि
जब
से
प्रेम
हम
ने
कर
लिया
है
निरंतर
दर्द
सहना
पड़
रहा
है
तुम्हारे
वास्ते
चिंतित
बहुत
हैं
हमें
अफ़सोस
कहना
पड़
रहा
है
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Meem Maroof Ashraf
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जा-ब-जा
तुझ
को
देखता
था
मैं
इस
क़दर
तुझ
को
सोचता
था
मैं
Meem Maroof Ashraf
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क्यूँ
तिरे
साथ
ख़्वाब
देखे
थे
हम
ने
क्यूँ
ये
अज़ाब
देखे
थे
तू
तो
कहता
था
इश्क़
है
तुम
से
तेरे
ख़त
में
जवाब
देखे
थे
सब
के
सब
तुझ
को
चाहने
वाले
हम
ने
ख़ाना
ख़राब
देखे
थे
क्या
कहा
इश्क़
में
था
क्या
पाया
रंज-ओ-ग़म
बे
हिसाब
देखे
थे
मय-कदा
छोड़
तेरी
गलियों
में
हम
ने
अहल-ए-शराब
देखे
थे
बे
वफ़ा
हम
ने
तेरे
चेहरे
पर
कैसे
कैसे
नक़ाब
देखे
थे
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Meem Maroof Ashraf
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बे-वफ़ा
अब
न
लेंगे
नाम
तिरा
आज
से
नाम
बे-वफ़ा
डाला
Meem Maroof Ashraf
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अब
के
बिछड़े
हैं
तो
ये
जी
में
है
आया
'क़ैसर'
अब
नहीं
जीना
यहाँ
जाँ
से
गुज़र
जाना
है
Meem Maroof Ashraf
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