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Manohar Shimpi
baat ab kya hi kare haalaat par
baat ab kya hi kare haalaat par | बात अब क्या ही करे हालात पर
- Manohar Shimpi
बात
अब
क्या
ही
करे
हालात
पर
फ़ख़्र
उसके
है
मुझे
जज़्बात
पर
- Manohar Shimpi
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लहजा
ही
थोड़ा
तल्ख़
है
दुनिया
के
सामने
वैसे
तो
ठीक
ठाक
हूँ
मैं
बोल-चाल
में
Ankit Maurya
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ऐसे
डरे
हुए
हैं
ज़माने
की
चाल
से
घर
में
भी
पाँव
रखते
हैं
हम
तो
सँभाल
कर
Adil Mansuri
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सहने
वाले
को
गर
सब्र
आ
जाए
तो
फिर
समझो
कहने
वालों
की
औक़ात
फ़क़त
दो
कौड़ी
की
है
A R Sahil "Aleeg"
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हर
एक
लफ़्ज़
के
तेवर
ही
और
होते
हैं
तेरे
नगर
के
सुख़न-वर
ही
और
होते
हैं
तुम्हारी
आँखों
में
वो
बात
ही
नहीं
ऐ
दोस्त
डुबोने
वाले
समुंदर
ही
और
होते
हैं
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Abrar Kashif
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पहले
तो
तुम्हें
जान
पुकारेंगे
यही
लोग
फिर
ख़ुद
ही
तुम्हें
जान
से
मारेंगे
यही
लोग
मुँह
पर
तो
बड़े
फ़ख्र
से
ता'ईद
करेंगे
फिर
पीठ
में
खंज़र
भी
उतारेंगे
यही
लोग
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Ashraf Ali
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नाराज़गी
का
मेरी
ये
आलम
है
इन
दिनों
है
बंद
अपने
आप
से
भी
बोल-चाल
यार
Rajesh Reddy
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साल
के
तीन
सौ
पैंसठ
दिन
में
एक
भी
रात
नहीं
है
उसकी
वो
मुझे
छोड़
दे
और
ख़ुश
भी
रहे
इतनी
औक़ात
नहीं
है
उसकी
Muzdum Khan
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ऐसे
तेवर
दुश्मन
ही
के
होते
हैं
पता
करो
ये
लड़की
किस
की
बेटी
है
Zia Mazkoor
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चराग़
दिल
का
मुक़ाबिल
हवा
के
रखते
हैं
हर
एक
हाल
में
तेवर
बला
के
रखते
हैं
Hastimal Hasti
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तसव्वुर
तजरबा
तेवर
तमन्ना
और
तन्हाई
मिलेंगे
फूल
सब
इस
में
ग़ज़ल
गुलदान
है
यारों
पढ़ाई
नौकरी
शादी
फिर
उसके
बाद
दो
बच्चे
हमारी
ज़िन्दगी
इतनी
कहाँ
आसान
है
यारों
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Tanoj Dadhich
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दिलकशी
का
ख़ूब-सूरत
ख़ूब
गुज़रा
दौर
था
छोर
फिर
उस
वक़्त
तेरा
मेरा
कोई
और
था
Manohar Shimpi
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मुश्किलों
से
ही
भरे
थे
दिन
हमारे
ना-ख़ुदा
बनके
हमीं
आए
किनारे
Manohar Shimpi
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हश्र
से
फूल
सी
ही
उभरती
कभी
फ़िक्र
में
फिर
कली
कोई
मरती
कभी
Manohar Shimpi
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रुत
गई
है
ग़ज़ल
सुनाने
की
बज़्म
में
ख़ूब
गुनगुनाने
की
बोलने
से
कहाँ
वो
रुसवा
हो
बात
क्यूँ
ही
करे
भुनाने
की
क्यूँँ
अधूरी
लगे
कोई
महफ़िल
जब
रहे
बात
ही
सुनाने
की
इत्तिला
है
यहाँ
न
आने
की
क्यूँँ
हक़ीक़ी
किसे
सुनाने
की
चाहते
रह
गईं
मेरी
आख़िर
कैसे
ग़लती
करे
भुलाने
की
इश्क़
की
बात
थी
मनोहर
वो
ख़्वाहिशें
प्यार
में
लुटाने
की
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Manohar Shimpi
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कहना
था
बातों
बातों
में
घनी
घनी
सी
बरसातों
में
Manohar Shimpi
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