rut gaii hai ghazal sunaane kii | रुत गई है ग़ज़ल सुनाने की

  - Manohar Shimpi
रुतगईहैग़ज़लसुनानेकी
बज़्ममेंख़ूबगुनगुनानेकी
बोलनेसेकहाँवोरुसवाहो
बातक्यूँहीकरेभुनानेकी
क्यूँँअधूरीलगेकोईमहफ़िल
जबरहेबातहीसुनानेकी
इत्तिलाहैयहाँआनेकी
क्यूँँहक़ीक़ीकिसेसुनानेकी
चाहतेरहगईंमेरीआख़िर
कैसेग़लतीकरेभुलानेकी
इश्क़कीबातथीमनोहरवो
ख़्वाहिशेंप्यारमेंलुटानेकी
  - Manohar Shimpi
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