muflisi men bhi bhalaai ke zamaane maange | मुफ़्लिसी में भी भलाई के ज़माने माँगे

  - Manohar Shimpi
मुफ़्लिसीमेंभीभलाईकेज़मानेमाँगे
इज़्तिराब-ए-शौक़मिलनेकेबहानेमाँगे
हालयेहैहारनातोअबउसेहीहोगा
औरजीनेकेतरीक़ेवोपुरानेमाँगे
ख़ूब-सूरतज़िंदगीहैक्यूँहँसतेगाते
मुस्कुरातेऔरगातेवोतरानेमाँगे
लोगसारेहीसलीक़ेकेलिएहैंतरसे
वक़्तफ़ुर्सतसेउसीकेहीफ़सानेमाँगे
रौशनीहमतोचराग़ोंसेशर्मिंदाथे
औरतूदिनमेंचराग़ोंकोजलानेमाँगे
  - Manohar Shimpi
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