kaisi bechaini se chehra teraa murjhaya hua hai | कैसी बेचैनी से चेहरा तेरा मुरझाया हुआ है

  - Manohar Shimpi
कैसीबेचैनीसेचेहरातेरामुरझायाहुआहै
देखकेहालततेरीदिलमेराघबरायाहुआहै
हमसेफ़रकोसबसेपहलीबारमिलनेवोडराथा
यादकरकेपलअभीवोख़ूबशरमायाहुआहै
रंजजिसकाथावोयादेंरोज़आतीहैंअभीभी
दिल-लगीमेंअबबहुतदिलकोहीसमझायाहुआहै
कैसेफिरकटतेरहेवोदिनसिवातेरेअकेले
सोचकेदिलमेराभीइसवक़्तउकतायाहुआहै
एकमंज़रवोतबाहीकाबहुतबेचैनकरता
धूपनेबे-घरहुएतोख़ूबझुलसायाहुआहै
बेक़रारीउसनज़रकीरंगलाएगीकभीतो
कैसेदिलकोही'मनोहर'सिर्फ़बहलायाहुआहै
  - Manohar Shimpi
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