gard sii ye fazaa ek manzar lage | गर्द सी ये फ़ज़ा एक मंज़र लगे

  - Manohar Shimpi
गर्दसीयेफ़ज़ाएकमंज़रलगे
देखतेबद-नज़रसेवोबंदरलगे
कोईहमदर्दभीहम-नवाहीमिले
रूहसेऔरदिलसेसमुंदरलगे
मक़्तल-ए-जाँकिसेफिरमुयस्सररहे
ताक़त-ए-सब्रसेहाथख़ंजरलगे
कौनबिस्मिलहुएहुस्नकेजालसे
तीरदिलमेंमेरेख़ूबअंदरलगे
इश्क़जबआगहैवस्लदरियारहे
फिरशब-ए-वस्लसेदिलसमुंदरलगे
रोज़हुस्न-ए-सहरही'मनोहर'रहे
देखनेसेउसेख़ासमंज़रलगे
  - Manohar Shimpi
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