awaam tang hi dikhi badi museebat hai | अवाम तंग ही दिखी बड़ी मुसीबत है

  - Manohar Shimpi
अवामतंगहीदिखीबड़ीमुसीबतहै
तबाहबाढ़नेकियाकहेंकुदूरतहै
किसीगरीबकोकहाँनसीबहैरोटी
गईकहाँजोभीलगेबहुतवोबरकतहै
हरेकशख़्सजोलगेसरोजजैसेही
किसीज़मींपेहीखिलीकोईइमारतहै
हरीभरीफ़सलवहाँउजड़गईऐसे
हुईकमीअनाजकीकहाँहुकूमतहै
कभीकहींमिलीमिरीनिगाहउनसेेतब
यहींपतालगावोसचमेंख़ूब-सूरतहै
कोईलिखीहुईग़ज़लमेंऔरनज़्मोंमें
पतालगाहरेकशक्लऔरसूरतहै
जिसेसभीविराजमानदेखतेहैंवो
कईदफ़ातराशकेबनीवोमूरतहै
  - Manohar Shimpi
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