andhere men diye jalakar suhaani shaam ho jaa.e | अँधेरे में दिए जलकर सुहानी शाम हो जाए

  - Manohar Shimpi
अँधेरेमेंदिएजलकरसुहानीशामहोजाए
उजालोंसेकरेरौशनजहाँवोनामहोजाए
मुसलसलहीअगरदोनोंकिआँखेंएकहोजाए
उसीदहलीज़पर'आशिक़कोईबदनामहोजाए
दिलोंदिलसेसफ़रमेंइसतरहआवाज़दोहमको
उसेसुनतेकोईबिखराहुआभीकामहोजाए
पतासबहैकिधरजन्नतकहाँहैकौनसारस्ता
मुसाफ़िरकोईजानेक्यूँवहाँनाकामहोजाए
बहुतकमवक़्तमेंउसकाकहींरिश्ताहुआआख़िर
इरादेहम-सफ़रकेइसक़दरनीलामहोजाए
यहीक़िस्सेमुहब्बतकेहमारेपासरहनेदो
जानेफिर'मनोहर'वोकभीगुमनामहोजाए
  - Manohar Shimpi
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