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MANOBAL GIRI
mulaqaat kuchh is kadar hui unse ki kuchh baat ho na paayi
mulaqaat kuchh is kadar hui unse ki kuchh baat ho na paayi | मुलाक़ात कुछ इस कदर हुई उन सेे की कुछ बात हो न पाई
- MANOBAL GIRI
मुलाक़ात
कुछ
इस
कदर
हुई
उन
सेे
की
कुछ
बात
हो
न
पाई
वो
डूबी
रही
मेरी
आँखों
में
और
सारी
रात
सो
न
पाई
उनके
इश्क़
में
बेचैन
हम
रात
भर
करवटे
बदलते
रहे
वस्ल
के
इंतिज़ार
में
तमाम
रात
हम
फ़क़त
टहलते
रहे
- MANOBAL GIRI
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ये
एक
बात
समझने
में
रात
हो
गई
है
मैं
उस
से
जीत
गया
हूँ
कि
मात
हो
गई
है
Tehzeeb Hafi
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दिन
रात
मय-कदे
में
गुज़रती
थी
ज़िंदगी
'अख़्तर'
वो
बे-ख़ुदी
के
ज़माने
किधर
गए
Akhtar Shirani
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रात
बाक़ी
थी
जब
वो
बिछड़े
थे
कट
गई
उम्र
रात
बाक़ी
है
Khumar Barabankvi
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सुतून-ए-दार
पे
रखते
चलो
सरों
के
चराग़
जहाँ
तलक
ये
सितम
की
सियाह
रात
चले
Majrooh Sultanpuri
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ग़ज़ब
किया
तिरे
वअ'दे
पे
ए'तिबार
किया
तमाम
रात
क़यामत
का
इंतिज़ार
किया
Dagh Dehlvi
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मौत
का
एक
दिन
मुअय्यन
है
नींद
क्यूँँ
रात
भर
नहीं
आती
Mirza Ghalib
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सियाह
रात
की
सरहद
के
पार
ले
गया
है
अजीब
ख़्वाब
था
आँखें
उतार
ले
गया
है
है
अब
जो
ख़ल्क़
में
मजनूँ
के
नाम
से
मशहूर
वो
मेरी
ज़ात
से
वहशत
उधार
ले
गया
है
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Abhishek shukla
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प्यार
की
रात
हो
छत
पर
हो
तेरा
साथ
तो
फिर
चाँद
को
बीच
में
डाला
नहीं
जाता
मुझ
सेे
Waseem Barelvi
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अभी
हमको
मुनासिब
आप
होते
से
नहीं
लगते
ब–चश्म–ए–तर
मुख़ातिब
हैं
प
रोते
से
नहीं
लगते
वही
दर्या
बहुत
गहरा
वही
तैराक
हम
अच्छे
हुआ
है
दफ़्न
मोती
अब
कि
गोते
से
नहीं
लगते
ये
आई
रात
आँखों
को
चलो
खूँ–खूँ
किया
जाए
बदन
ये
सो
भी
जाए
आँख
सोते
से
नहीं
लगते
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Dhiraj Singh 'Tahammul'
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कहाँ
है
तू
कि
तिरे
इंतिज़ार
में
ऐ
दोस्त
तमाम
रात
सुलगते
हैं
दिल
के
वीराने
Nasir Kazmi
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न
मुद्दतों
मिले
हम
न
मोहब्बत
का
इज़हार
किया
जिस
सेे
हमने
दिल
लगाया
बस
उसी
से
प्यार
किया
MANOBAL GIRI
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हो
रही
है
साज़िश
मेरी
बर्बादी
की
घर
में
बात
चल
रही
है
मेरी
शादी
की
कुछ
वक़्त
बचा
है
मेरी
शादी
में
फिलहाल
मैं
जश्न
मना
रहा
हूँ
अभी
अपनी
आजादी
की
आँखों
में
आँसू,
चेहरे
पे
मुस्कान
लिए
आगे
बढ़
एक
बाप
डोली
उठा
रहा
है
अपनी
शहज़ादी
की
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MANOBAL GIRI
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नींद
ज़रूरी
है
कोई
ख़्वाब
देखने
के
लिए
वो
छत
पे
आई
है
महताब
देखने
के
लिए
कोई
समझाये
उसे
की
वो
कोई
हक़ीम
नहीं
वो
ज़िद
कर
रही
है
मेरा
अज़ाब
देखने
के
लिए
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MANOBAL GIRI
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मैंने
तेरे
मेरे
लम्हों
की
एक
डायरी
बनाई
है
अब
मैं
उस
में
हमारी
सारी
याद
लिखता
हूँ
लोग
कहते
है
की
ये
मोहब्बत
करके
बर्बाद
हो
रहा
है
यार
तुम
ही
बताओ
क्या
मैं
बर्बाद
दिखता
हूँ
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MANOBAL GIRI
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तुम्हारी
एक
झलक
के
लिए
दिल
बेकरार
रहेगा
कभी
पटना
आओ
मुझे
तुम्हारा
इंतिज़ार
रहेगा
अगर
कभी
थक
जाओ
मोहब्बत
से
तो
बता
देना
हमारी
मोहब्बत
में
भी
छुट्टी
वाला
इतवार
रहेगा
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MANOBAL GIRI
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