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MANOBAL GIRI
neend zaroori hai koi khwaab dekhne ke li.e
neend zaroori hai koi khwaab dekhne ke li.e | नींद ज़रूरी है कोई ख़्वाब देखने के लिए
- MANOBAL GIRI
नींद
ज़रूरी
है
कोई
ख़्वाब
देखने
के
लिए
वो
छत
पे
आई
है
महताब
देखने
के
लिए
कोई
समझाये
उसे
की
वो
कोई
हक़ीम
नहीं
वो
ज़िद
कर
रही
है
मेरा
अज़ाब
देखने
के
लिए
- MANOBAL GIRI
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वो
राही
हूँ
पलभर
के
लिए,
जो
ज़ुल्फ़
के
साए
में
ठहरा,
अब
ले
के
चल
दूर
कहीं,
ऐ
इश्क़
मेरे
बेदाग
मुझे
।
Raja Mehdi Ali Khan
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वो
आँखें
चुप
थीं
लेकिन
हँस
रही
थीं
मेरा
जी
कर
रहा
था
चूम
लूँ
अब
Ritesh Rajwada
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सुखाई
जा
रही
है
जुल्फ़
धोकर
घटा
या'नी
निचोड़ी
जा
रही
है
Satya Prakash Soni
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पास
मैं
जिसके
हूँ
वो
फिर
भी,
अच्छा
लड़का
ढूँढ़
रही
है
उसने
लगा
रक्खा
है
चश्मा,
और
वो
चश्मा
ढूँढ़
रही
है
फ़ोन
किया
मैंने
और
पूछा,
अब
तक
घर
से
क्यूँँ
नहीं
निकली
उस
ने
कहा
मुझ
सेे
मिलने
का,
एक
बहाना
ढूँढ़
रही
है
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Tanoj Dadhich
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मुक़र्रर
दिन
नहीं
तो
लम्हा-ए-इमकान
में
आओ
अगर
तुम
मिल
नहीं
सकती
तो
मेरे
ध्यान
में
आओ
बला
की
ख़ूब-सूरत
लग
रही
हो
आज
तो
जानाँ
मुझे
इक
बात
कहनी
थी
तुम्हारे
कान
में..
आओ
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Darpan
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अभी
से
पाँव
के
छाले
न
देखो
अभी
यारो
सफ़र
की
इब्तिदा
है
Ejaz Rahmani
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उन्हीं
रास्तों
ने
जिन
पर
कभी
तुम
थे
साथ
मेरे
मुझे
रोक
रोक
पूछा
तिरा
हम-सफ़र
कहाँ
है
Bashir Badr
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उसे
पागल
बनाती
फिर
रही
हो
जिसे
शौहर
बनाना
चाहिए
था
Arvind Inaayat
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बंद
कमरे
में
हज़ारों
मील
अब
चलते
हैं
हम
काफ़ी
महँगी
पड़
रही
है
शा'इरी
से
दोस्ती
Ashraf Jahangeer
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मुसाफ़िरों
के
दिमाग़ों
में
डर
ज़ियादा
है
न
जाने
वक़्त
है
कम
या
सफ़र
ज़ियादा
है
Hashim Raza Jalalpuri
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जब
से
देखा
है
उसे
किसी
और
कि
बाहों
में
तब
से
मैं
चैन
से
सो
नहीं
पा
रहा
उसने
क़सम
दी
थी
मुझे
कभी
न
रोने
की
रोना
तो
चाहता
हूँ,
मगर
रो
नहीं
पा
रहा
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MANOBAL GIRI
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हो
रही
है
साज़िश
मेरी
बर्बादी
की
घर
में
बात
चल
रही
है
मेरी
शादी
की
कुछ
वक़्त
बचा
है
मेरी
शादी
में
फिलहाल
मैं
जश्न
मना
रहा
हूँ
अभी
अपनी
आजादी
की
आँखों
में
आँसू,
चेहरे
पे
मुस्कान
लिए
आगे
बढ़
एक
बाप
डोली
उठा
रहा
है
अपनी
शहज़ादी
की
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MANOBAL GIRI
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आज
कोई
मुझे
जाम
पिला
दो
यारो
या
फिर
मेरे
महबूब
से
मिला
दो
यारो
उनकी
याद
न
आए
कभी
मेरे
जेहन
में
फिर
से
उनके
दिए
सारे
खतों
को
आज
जला
दो
यारो
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MANOBAL GIRI
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वो
कही
मिले
तो
पूछना
उस
सेे
बे-वफ़ाई
की
वजह
क्या
थी?
उसका
मोहब्बत
से
दिल
भर
गया
था
या
कहीं
और
दिल
लग
गया
था
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तुम्हारी
एक
झलक
के
लिए
दिल
बेकरार
रहेगा
कभी
पटना
आओ
मुझे
तुम्हारा
इंतिज़ार
रहेगा
अगर
कभी
थक
जाओ
मोहब्बत
से
तो
बता
देना
हमारी
मोहब्बत
में
भी
छुट्टी
वाला
इतवार
रहेगा
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