hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Manish Pithaya
tu hi to sabse paas hai
tu hi to sabse paas hai | तू ही तो सब सेे पास है
- Manish Pithaya
तू
ही
तो
सब
सेे
पास
है
तुझ
सेे
मेरा
हर
श्वास
है
देखो
ख़ुदा
ये
हर
जगह
मौजूद
है
एहसास
है
नूर-ए-हक़ीक़त
पा
लिया
फिर
हर
नज़ारा
ख़ास
है
जब
तू
मिला
तो
मिट
गई
इस
आत्मा
की
प्यास
है
मुझ
बे-अदब
मग़रूर
को
रहम-ओ-करम
की
आस
है
ये
इश्क़
हासिल
है
उसे
जिसका
अटल
विश्वास
है
- Manish Pithaya
Download Ghazal Image
तुम
मेरी
पहली
मोहब्बत
तो
नहीं
हो
लेकिन
मैंने
चाहा
है
तुम्हें
पहली
मोहब्बत
की
तरह
Wasi Shah
Send
Download Image
59 Likes
मोहब्बत
का
नहीं
इक
दिन
मुकर्रर
मोहब्बत
उम्रभर
का
सिलसिला
है
Neeraj Naveed
Send
Download Image
6 Likes
इस
त'अल्लुक़
में
नहीं
मुमकिन
तलाक़
ये
मोहब्बत
है
कोई
शादी
नहीं
Anwar Shaoor
Send
Download Image
38 Likes
इश्क़
नाज़ुक-मिज़ाज
है
बेहद
अक़्ल
का
बोझ
उठा
नहीं
सकता
Akbar Allahabadi
Send
Download Image
45 Likes
तेरे
वादे
से
प्यार
है
लेकिन
अपनी
उम्मीद
से
नफ़रत
है
पहली
ग़लती
तो
इश्क़
करना
थी
शा'इरी
दूसरी
हिमाक़त
है
Read Full
Mehshar Afridi
Send
Download Image
67 Likes
और
भी
दुख
हैं
ज़माने
में
मोहब्बत
के
सिवा
राहतें
और
भी
हैं
वस्ल
की
राहत
के
सिवा
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
102 Likes
वो
आदमी
नहीं
है
मुकम्मल
बयान
है
माथे
पे
उस
के
चोट
का
गहरा
निशान
है
वो
कर
रहे
हैं
इश्क़
पे
संजीदा
गुफ़्तुगू
मैं
क्या
बताऊँ
मेरा
कहीं
और
ध्यान
है
Read Full
Dushyant Kumar
Send
Download Image
49 Likes
इश्क़
हमारा
चाँद
सितारे
छू
लेगा
घुटनों
पर
आकर
इज़हार
किया
हमने
Darpan
Send
Download Image
38 Likes
अगर
तू
मुझ
सेे
शर्माती
रहेगी
मुहब्बत
हाथ
से
जाती
रहेगी
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
117 Likes
अगरचे
इश्क़
में
मजनू
बड़े
बदनाम
होते
हैं
अगरचे
क़ैस
जैसे
आशिक़ों
के
नाम
होते
हैं
भटक
सकती
नहीं
जंगल
में
लैला
चाह
करके
भी
अजी
लैला
को
घर
में
दूसरे
भी
काम
होते
हैं
Read Full
Gagan Bajad 'Aafat'
Send
Download Image
26 Likes
Read More
अना
हिर्स-ओ-हवस
नफ़रत
दुखी
रखते
हैं
मुझ
को
गर
नहीं
समझा
हूँ
मैं
फिर
अपने
ही
ग़म-ख़्वार
की
बातें
Manish Pithaya
Send
Download Image
1 Like
सदा
हो
आसरा
बस
आपका
यूँँ
कि
साँसें
बीत
जाएँ
बंदगी
में
Manish Pithaya
Send
Download Image
1 Like
हूँ
मुश्त-ए-ख़ाक
तू
उपकार
कर
दे
हक़ीक़त
का
मुझे
हक़दार
कर
दे
शिकायत-गर
भी
करते
हैं
तशक्कुर
तू
जिसकी
ज़िंदगी
हमवार
कर
दे
Read Full
Manish Pithaya
Send
Download Image
1 Like
आलम-ए-इंसानियत
क्या
देखिए
ज़ात
मज़हब
का
तमाशा
देखिए
जाँ
लुटा
दी
रौशनी
के
वास्ते
कैसा
पागल
है
पतंगा
देखिए
Read Full
Manish Pithaya
Send
Download Image
1 Like
ईंट
का
उत्तर
अगर
पत्थर
है
तो
हैवानियत
है
जो
ख़ुदा
को
देख
पाया
सब
में
तो
रूहानियत
है
धर्म
इक
ख़ुशबू
है
जिस
सेे
है
महकता
ये
जहाँ
है
जान
ले
इंसाँ
अगर
ईमान
तो
इंसानियत
है
Read Full
Manish Pithaya
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Nature Shayari
Aitbaar Shayari
Mashwara Shayari
Mayoosi Shayari
Basant Shayari