hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Manas Ank
apni muraad men to ye jannat hain chahte
apni muraad men to ye jannat hain chahte | अपनी मुराद में तो ये जन्नत हैं चाहते
- Manas Ank
अपनी
मुराद
में
तो
ये
जन्नत
हैं
चाहते
लेकिन
मिला
ये
आग
का
दरिया
तो
दुख
हुआ
- Manas Ank
Download Sher Image
एक
दरिया
है
यहाँ
पर
दूर
तक
फैला
हुआ
आज
अपने
बाजुओं
को
देख
पतवारें
न
देख
Dushyant Kumar
Send
Download Image
33 Likes
मिल
जाऊँगा
दरिया
में
तो
हो
जाऊँगा
दरिया
सिर्फ़
इसलिए
क़तरा
हूँ
कि
मैं
दरिया
से
जुदा
हूँ
Nazeer Banarasi
Send
Download Image
32 Likes
मुहब्बत
आपसे
करना
कभी
आसाँ
नहीं
था
पर
बिना
कश्ती
के
दरिया
पार
करना
शौक़
है
मेरा
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
31 Likes
तुम
ने
किया
है
तुम
ने
इशारा
बहुत
ग़लत
दरिया
बहुत
दुरुस्त
किनारा
बहुत
ग़लत
Nabeel Ahmed Nabeel
Send
Download Image
24 Likes
आँख
आँसू
को
ऐसे
रस्ता
देती
है
जैसे
रेत
गुज़रने
दरिया
देती
है
कोई
भी
उसको
जीत
नहीं
पाया
अब
तक
वैसे
वो
हर
एक
को
मौक़ा
देती
है
Read Full
Kafeel Rana
Send
Download Image
54 Likes
ज़रा
पाने
की
चाहत
में
बहुत
कुछ
छूट
जाता
है
नदी
का
साथ
देता
हूँ
समुंदर
रूठ
जाता
है
Aalok Shrivastav
Send
Download Image
48 Likes
यहाँ
तुम
देखना
रुतबा
हमारा
हमारी
रेत
है
दरिया
हमारा
Kushal Dauneria
Send
Download Image
52 Likes
चाँद
चेहरा
ज़ुल्फ़
दरिया
बात
ख़ुशबू
दिल
चमन
इक
तुम्हें
दे
कर
ख़ुदा
ने
दे
दिया
क्या
क्या
मुझे
Bashir Badr
Send
Download Image
78 Likes
`तू
मेरे
पास
आ
कर
बैठ
मुझ
सेे
बात
कर
ऐ
दोस्त
ये
मुमकिन
है
कोई
दरिया
ख़राबों
से
निकल
आए
Siddharth Saaz
Send
Download Image
6 Likes
पत्थर
दिल
के
आँसू
ऐसे
बहते
हैं
जैसे
इक
पर्वत
से
नदी
निकलती
है
Shobhit Dixit
Send
Download Image
11 Likes
Read More
काफ़िरों
तुम
अज़ाँ
से
हटो
बादलों
आसमाँ
से
हटो
बोली
मुझ
सेे
त'अल्लुक़
नहीं
तुम
मेरे
दरमियाँ
से
हटो
रौनकें
तुम
सेे
बनती
कहाँ
बज़्म
आराइयाँ
से
हटो
कोई
किरदार
मेरा
नहीं
अब
इसी
दास्ताँ
से
हटो
फालतू
भीड़
क्यूँ
है
लगी
जल्द
ही
तुम
वहाँ
से
हटो
Read Full
Manas Ank
Download Image
0 Likes
इतना
भी
कोई
शोर
शराबा
नहीं
हुआ
लेकिन
वो
शख़्स
फिर
भी
हमारा
नहीं
हुआ
उसने
कहा
बगै़र
मिरे
ख़ुश
रहोगे
तुम
मेरा
तो
चैन
से
भी
गुज़ारा
नहीं
हुआ
Read Full
Manas Ank
Send
Download Image
2 Likes
नहीं
चलती
कभी
मर्ज़ी
हमारी
बताओ
तो
ज़रा
ग़लती
हमारी
जहाँ
पर
तैरने
को
कह
रहे
हो
वहीं
पर
डूबी
है
कश्ती
हमारी
यहाँ
भौंरा
कली
को
खा
गया
है
कि
जो'कर
से
मरी
रानी
हमारी
बड़ी
मुश्किल
से
ही
हमको
मिली
थी
उठा
ली
आपने
कुर्सी
हमारी
त'अल्लुक़
आपका
हम
सेे
नहीं
जब
तो
क्यूँ
फिर
चाटते
जूती
हमारी
कुआँ
कब
आएगा
इस
प्यासे
के
पास
कि
रस्ता
देखती
खिड़की
हमारी
बग़ीचे
पर
तुम्हें
इतना
गुमाँ
है
रखो
तुम
फूल
है
तितली
हमारी
बड़ा
महँगा
बताते
थे
हमें
तुम
लगी
बोली
यहाँ
सस्ती
हमारी
Read Full
Manas Ank
Download Image
1 Like
रूह
पर
डाले
हैं
पर्दे
जिस्म
के
सबको
रहते
बस
ये
नखरे
जिस्म
के
जो
लगे
चमकाने
में
फिर
जिस्म
को
लग
गए
है
रोग
सारे
जिस्म
के
लड़कियों
को
क्यूँ
ये
लगता
रहता
है
सिर्फ़
लड़के
होते
भूखे
जिस्म
के
हुस्न
दो
पल
का
तुम्हारा
अब
हमें
तुम
पढ़ाओगी
पहाड़े
जिस्म
के
जान
तो
इन
में
बची
अब
है
नहीं
फूँक
दो
फिर
जाके
पुतले
जिस्म
के
मौत
बैठी
रहती
धोबीघाट
पे
बाँधती
है
सबके
कपड़े
जिस्म
के
Read Full
Manas Ank
Download Image
1 Like
नहीं
चलती
कभी
मर्ज़ी
हमारी
बताओ
तो
ज़रा
ग़लती
हमारी
जहाँ
पर
तैरने
को
कह
रहे
हो
वहीं
पर
डूबी
है
कश्ती
हमारी
Read Full
Manas Ank
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Romance Shayari
Shama Shayari
Raat Shayari
Haalaat Shayari
Kashmir Shayari