sehar se raat ki sargoshiyaan bahaar ki baat | सहरस रात की सरगोशियाँ बहार की बात

  - Makhdoom Mohiuddin
सहरसरातकीसरगोशियाँबहारकीबात
जहाँमेंआमहुईचश्म-ए-इन्तिज़ारकीबात
दिलोंकीतिश्नगीजितनीदिलोंकाग़मजितना
उसीक़दरहैज़मानेमेंहुस्न-ए-यारकीबात
जहाँभीबैठेहैंजिसजाभीरातमयपीहै
उन्हींकीआँखोंकेक़िस्सेउन्हींकेप्यारकीबात
चमनकीआँखभरआईकलीकादिलधड़का
लबोंपेआईहैजबभीकिसीक़रारकीबात
येज़र्दज़र्दउजालेयेरातरातकादर्द
यहीतोरहगईअबजान-ए-बे-क़रारकीबात
तमामउम्रचलीहैतमामउम्रचले
इलाहीख़त्महोयार-ए-ग़म-गुसारकीबात
  - Makhdoom Mohiuddin
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy