ik nanhi munni si pujaaran | इक नन्ही मुन्नी सी पुजारन

  - Majaz Lakhnavi
इकनन्हीमुन्नीसीपुजारन
पतलीबांहेंपतलीगर्दन
भोरभएमंदिरआईहै
आईनहींहैमाँलाईहै
वक़्तसेपहलेजागउठीहै
नींदअभीआँखोंमेंभरीहै
ठोड़ीतकलटआईहुईहै
यूँँहीसीलहराईहुईहै
आँखोंमेंतारोंकीचमकहै
मुखड़ेपेचाँदीकीझलकहै
कैसीसुंदरहैक्याकहिए
नन्हीसीइकसीताकहिए
धूपचढ़ेताराचमकाहै
पत्थरपरइकफूलखिलाहै
चाँदकाटुकड़ाफूलकीडाली
कम-सिनसीधीभोलीभाली
हाथमेंपीतलकीथालीहै
कानमेंचाँदीकीबालीहै
दिलमेंलेकिनध्याननहींहै
पूजाकाकुछज्ञाननहींहै
कैसीभोलीछतदेखरहीहै
माँबढ़करचुटकीलेतीहै
चुपकेचुपकेहँसदेतीहै
हँसनारोनाउसकामज़हब
उसकोपूजासेक्यामतलब
ख़ुदतोआईहैमंदिरमें
मनउसकाहैगुड़िया-घरमें
  - Majaz Lakhnavi
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