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Kabir Altamash
ik bechaini si hai man men kya hogaa ye rab jaane
ik bechaini si hai man men kya hogaa ye rab jaane | इक बेचैनी सी है मन में क्या होगा ये रब जाने
- Kabir Altamash
इक
बेचैनी
सी
है
मन
में
क्या
होगा
ये
रब
जाने
यार
मिरे
कोई
पूछो
रब
से
वो
तो
है
सब
जाने
- Kabir Altamash
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यार
इक
बार
परिंदों
को
हुकूमत
दे
दो
ये
किसी
शहर
को
मक़्तल
नहीं
होने
देंगे
ये
जो
चेहरे
हैं
यहाँ
चाँद
से
चेहरे
'ताबिश'
ये
मिरा
इश्क़
मुकम्मल
नहीं
होने
देंगे
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Abbas Tabish
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यार
भी
राह
की
दीवार
समझते
हैं
मुझे
मैं
समझता
था
मेरे
यार
समझते
हैं
मुझे
Shahid Zaki
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मुझको
ये
मालूम
नहीं
था
तुम
सेे
मिलने
से
पहले
दोस्त
जल्दी
आँखें
भरने
वालों
के
मन
जल्दी
भर
जाते
हैं
Vikas Rana
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दिन
सलीक़े
से
उगा
रात
ठिकाने
से
रही
दोस्ती
अपनी
भी
कुछ
रोज़
ज़माने
से
रही
Nida Fazli
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जो
दोस्त
हैं
वो
माँगते
हैं
सुलह
की
दु'आ
दुश्मन
ये
चाहते
हैं
कि
आपस
में
जंग
हो
Lala Madhav Ram Jauhar
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जो
सावन
होते
सूखा,
उस
फूल
पे
लानत
हो
मुझ
पे
लानत,
तेरे
होते,
यार
उदासी
है
Siddharth Saaz
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मिले
किसी
से
गिरे
जिस
भी
जाल
पर
मेरे
दोस्त
मैं
उसको
छोड़
चुका
उसके
हाल
पर
मेरे
दोस्त
ज़मीं
पे
सबका
मुक़द्दर
तो
मेरे
जैसा
नहीं
किसी
के
साथ
तो
होगा
वो
कॉल
पर
मेरे
दोस्त
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Ali Zaryoun
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हालत
जो
हमारी
है
तुम्हारी
तो
नहीं
है
ऐसा
है
तो
फिर
ये
कोई
यारी
तो
नहीं
है
Ali Zaryoun
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हैराँ
मैं
भी
हूँ
दोस्त
यूँँ
बालों
में
गजरा
देखकर
ये
फूल
आख़िर
कबसे
फूलों
को
पहनने
लग
गया
Neeraj Neer
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शाम
ढलने
से
फ़क़त
शाम
नहीं
ढलती
है
उम्र
ढल
जाती
है
जल्दी
पलट
आना
मेरे
दोस्त
Ashfaq Nasir
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मेरे
अब्बू
सच
कहते
थे
बेटा
इक
दिन
पछताओगे
Kabir Altamash
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आ
गया
फिर
से
प्यार
का
मौसम
मेरा
मतलब
बहार
का
मौसम
इक
तो
अपना
बिहार
अच्छा
है
उसपे
अपने
बिहार
का
मौसम
ख़त्म
हो
जाऊँगा
वगरना
मैं
ख़त्म
कर
इंतज़ार
का
मौसम
याद
है
हम
मिले
कहाँ
पर
थे
याद
है
सोमवार
का
मौसम
हम
कभी
एक
साथ
थे
है
ना
था
कभी
ऐतबार
का
मौसम
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Kabir Altamash
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होते
होते
ऐसा
भी
होगा
इक
दिन
मेरा
सपना
पूरा
भी
होगा
इक
दिन
कि
ख़राब
हुआ
है
तो
होने
दो
जानी
रिश्ता
अपना
अच्छा
भी
होगा
इक
दिन
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Kabir Altamash
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मेरी
हालत
पर
तरस
तो
खाइए
रब
हाँ
मुझे
जाना
है
हाँ
ले
जाइए
रब
Kabir Altamash
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उठेंगे
हम
नहीं
सजदे
से
तब
तलक
या
रब
ये
सारे
मस'अले
जब
तक
के
हल
नहीं
होंगे
Kabir Altamash
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