जहाँ पर भी मुझे ग़म ले गया चलता गया चलता गया

  - Harsh Kumar Bhatnagar
जहाँपरभीमुझेग़मलेगयाचलतागयाचलतागया
भलेथापाँवमेंइकआबलाचलतागयाचलतागया
मसर्रतसेभराहूँयूँँतोमैंपरहसरत-ए-कुश्ताभीहूँ
मुझेरस्तादिखाजबमुब्तलाचलतागयाचलतागया
बिनाउसकेकभीयेज़िंदगीजीनेकासोचाहीनहीं
मुसाफ़िरहूँमैंवोहैमरहलाचलतागयाचलतागया
जानेकौनसाडरदिलमेंथावोचुपरहीवोचुपरही
कहाउसनेमुझेजबअलविदाचलतागयाचलतागया
  - Harsh Kumar Bhatnagar
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