कभीउल्फ़तकभीनफ़रतकभीकुछवसवसोंकेसाथ
शजरकोकाटतेहैंहमबड़ेहीमसअलोंकेसाथ
कभीभीदूरजानामसअलेकाहलनहींहोता
मोहब्बतऔरबढ़तीजातीहैइनफ़ासलोंकेसाथ
वगरनामारडालेगीयेसहराकीतपिशतुझको
तुझेभरनापड़ेगाइसघड़ेकोकंकड़ोंकेसाथ
चराग़ोंकोबुझानेकीकभीकोशिशभीमतकरना
वहाँपेएकबच्चापढ़रहाहैचाहतोंकेसाथ