zaruraton beemaar fazaa se kah do | ज़रूरतों बीमार फ़ज़ा से कह दो

  - Mahjabeen Asif
ज़रूरतोंबीमारफ़ज़ासेकहदो
अभीख़ुशबूकोगुलाब
रंगोंकोख़्वाब
रगोंमेंजमेंसय्यालको
लहूलिखनाहै
बे-कैफ़-ओ-साकितमंज़रको
ख़ुशख़िसाललिखनाहै
इनचिड़ियोंकोलौटनेदो
फ़ज़ाकेहब्समेंजोमहसूरहैं
ज़रूरतोंकोसुर्ख़गुलाललिखनाहै
इसकुर्लातीख़ामोशीसे
बहतेसुरनिकलनेदो
तन्हाईकोजश्न-ए-तरब
दोस्तकोयादलिखनाहै
इकलम्हाइंतिज़ारमुझेमोहब्बतोंकीताज़ानज़्म
लिखनीहै
अभीतो
बहारक़रंतीनामेंहै
  - Mahjabeen Asif
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