येजोहमकभीकभीसोचतेहैंरातको
रातक्यासमझसकेइनमुआमलातको
हुस्नऔरनजातमेंफ़स्ल-ए-मश्रिक़ैनहै
कौनचाहतानहींहुस्नकोनजातको
येसुकून-ए-बे-जिहतयेकशिशअजीबहै
तुझमेंबंदकरदियाकिसनेशश-जहातको
साहिल-ए-ख़यालपरकहकशाँकीछूटथी
एकमौजलेगईइनतजल्लियातको
आँखजबउठेभरआएशे'रअबकहानजाए
कैसेभूलजाएवोभूलनेकीबातको
देखऐमिरीनिगाहतूभीहैजहाँभीहै
किसनेबा-ख़बरकियादूसरेकीज़ातको
क्याऐमिरीनिगाहतूभीहैजहाँभीहै
किसनेबा-ख़बरकहादूसरेकीज़ातको
क्याहुईंरिवायतेंअबहैंक्यूँँशिकायतें
इशक़-ए-ना-मुरादसेहुस्न-ए-बे-सबातको
ऐबहार-ए-सर-गिराँतूख़िज़ाँ-नसीबहै
औरहमतरसगएतेरेइल्तिफ़ातको