khizaan men khoobiyaan aise bahut hain | ख़िज़ाँ' में ख़ूबियाँ ऐसे बहुत हैं

  - Mahboob Khizan
ख़िज़ाँ'मेंख़ूबियाँऐसेबहुतहैं
ख़राबीएकहैबनतेबहुतहैं
कोईरस्ताकहींजाएतोजानें
बदलनेकेलिएरस्तेबहुतहैं
नईदुनियाकेसुंदरबनकेअंदर
पुरानेवक़्तकेपौदेबहुतहैं
हुएजबसेज़मानेभरकेहम-राह
हमअपनेसाथभीथोड़ेबहुतहैं
लगावटहैसितारोंसेपुरानी
रक़ाबतहैमगरमिलतेबहुतहैं
बहुतहोगातोयेसोचोगेशायद
किहमभीथेयहाँजैसेबहुतहैं
हैसबसूरतकाचक्कर,ख़्वाबमअनी
दिखाएहैंबहुतदेखेबहुतहैं
जसारतदिलमेंक्याहोफ़नमेंक्याहो
मुलाज़िम-पेशाहैंडरतेबहुतहैं
किसीसेक्यूँँउलझतेक्याउलझते
येधागेख़ुद-ब-ख़ुदउलझेबहुतहैं
थकनचारोंतरफ़हैचलतेजाओ
पहुँचताकौनहैचलतेबहुतहैं
ख़फ़ाहमसेहोचश्म-ए-जानाँ
हमइसअंदाज़परमरतेबहुतहैं
कहोयेभी'ख़िज़ाँ'कहनेसेपहले
जोकहतेकुछनहींकहतेबहुतहैं
  - Mahboob Khizan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy