तुममुँहलगाकेग़ैरोंकोमग़रूरमतकरो
लगचलनाऐसेदेसोंसेदस्तूरमतकरो
टस्वेबहाकेहरघड़ीज़ारीनहींहैख़ूब
येराज़-ए-इश्क़हैउसेमशहूरमतकरो
हर-चंददिलदुखानाकिसीकाबुराहैपर
रंजीदाख़ातिरोंकोतोरंजूरमतकरो
ऐहमदमोजोमुझसेहैमंज़ूरइख़्तिलात
जुज़ज़िक्र-ए-यारतुमकोईमज़कूरमतकरो
रौशनरखोजहानमेंमौलामिसाल-ए-मेहर
चंदाकेमुँहसेनूरकोतुमदूरमतकरो