रहेनौ-रोज़इशरत-आफ़रींजोश-ए-बहार-अफ़्ज़ा
गुल-अफ़शाँहैकरमतेराचमनमेंदहरकेहरजा
नपूछोकोईऐश-ओ-ख़ुर्रमीकोअहदमेंउसके
किजिसकेफ़ैज़सेघरघरहैदौर-ए-साग़र-ए-सहबा
अरस्तू-जाहवोफ़र्रुख़-नज़ाद-ए-अहल-ए-आलमहै
किजिसकेफ़ज़्ल-ओ-बख़्शिशकाजहाँमेंहैअलमबरपा
दु'आहैयेमवालीकीतसद्दुक़सेअइम्माके
रखेसाएमेंअपनेलुत्फ़केतुझकोअलीमौला
नहींकुछज़ेबऐमेहर-ए-सिपहर-ए-मा'दलतइसमें
अयाँ'चंदा'पेजोकुछहैनवाज़िशयेकरम-फ़रमा