kuchh safar ka ghubaar jaisa tha | कुछ सफ़र का ग़ुबार जैसा था

  - Madhurima Singh
कुछसफ़रकाग़ुबारजैसाथा
साँसोंपरइकउधारजैसाथा
यक-ब-यकउसकाऐसेचुपहोना
चीख़थीयापुकारजैसाथा
जोकहातुमनेऔरसुनामैंने
उम्रभरइकख़ुमारजैसाथा
नामजोहोंटपरनहींआया
धड़कनोंमेंशुमारजैसाथा
नामतेरालिखाथाउँगलीसे
परशिलापरउभारजैसाथा
नीमसेचाँदछनकेबिखराथा
चाँदनीकोबुख़ारजैसाथा
चोटखाकेभीगुनगुनातारहा
मेरादिलभीसितारजैसाथा
तेरीचाहतकाजबभरमटूटा
कुछनशेकेउतारजैसाथा
यादोंकेसबकगारढहतेगए
वक़्तभीतेज़धारजैसाथा
दिलपेइकबोझलेकेजीतीरही
जोगुनाहोंकेभारजैसाथा
  - Madhurima Singh
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy