hai gilaa apni jagah aur aashiqi apni jagah | है गिला अपनी जगह और आशिक़ी अपनी जगह

  - Madhav Jha
हैगिलाअपनीजगहऔरआशिक़ीअपनीजगह
दर्द-ए-दिलकेसाथमिलनेकीख़ुशीअपनीजगह
वस्लहोयाहिज्रहोकुछहोशरहताहैकहाँ
लज़्ज़तेंअपनीजगहहैंबे-ख़ुदीअपनीजगह
रूठकरसीनेसेलगनेवालेनेमुझसेकहा
प्यारहैअपनीजगहऔरबे-रुख़ीअपनीजगह
उम्रजबतकमेहरबाँहैखुलकेजीनाचाहिए
मौतहैअपनीजगहऔरज़िंदगीअपनीजगह
मेरीग़ज़लोंपेमुक़र्ररकहतेहैंसारेअदू
दुश्मनीअपनीजगहहैशा'इरीअपनीजगह
  - Madhav Jha
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy