takabbur ka safeena ai sitamgar doob jaata hai | तकब्बुर का सफ़ीना ऐ सितमगर डूब जाता है

  - M. Nasrullah Nasr
तकब्बुरकासफ़ीनासितमगरडूबजाताहै
अनाकेएकक़तरेमेंसमुंदरडूबजाताहै
सदाहैसरफ़राज़ीख़ाकसारीकोज़मानेमें
कितिनकातैरतारहताहैपत्थरडूबजाताहै
समुंदरकीतहोंसेलोगमोतीढूँडलातेहैं
कोईबहर-ए-तलातुममेंउतरकरडूबजाताहै
सफ़रराह-ए-मोहब्बतकानहींआसाँमिरेहमदम
येऐसाबहरहैजिसमेंशनावरडूबजाताहै
तज़ल्लुमकीहुकूमतदेरतकरहतीनहींक़ाएम
लहूमेंअपनेहीइकदिनसितमगरडूबजाताहै
कभीग़फ़लतमेंमतरहनाकिअक्सरहोताहैऐसा
सफ़ीनाशौक़कासाहिलसेलगकरडूबजाताहै
ग़ज़लहोतीहैजबतख़्लीक़तो'नस्र'उसलम्हे
ख़यालोंकेसमुंदरमेंसुख़न-वरडूबजाताहै
  - M. Nasrullah Nasr
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