मेहराब-ए-ख़ुश-क़याम से आगे निकल गई

  - Liyaqat Ali Aasim
मेहराब-ए-ख़ुश-क़यामसेआगेनिकलगई
वहशतदिएकीशामसेआगेनिकलगई
ख़ल्वतकेफ़ासलेसेबैठूँतोक्याकरूँँ
महफ़िलहीएहतिमामसेआगेनिकलगई
फ़ारिग़जानिएमुझेमसरूफ़-ए-जंगहूँ
उसचुपसेजोकलामसेआगेनिकलगई
तुमसाथहोतोधूपकाएहसासतकनहीं
येदोपहरतोशामसेआगेनिकलगई
जबमारकाहुआतोमेरीतेग़-ए-दर-गुज़र
शमशीर-ए-इंतिक़ामसेआगेनिकलगई
मरनेकाकोईख़ौफ़जीनेकीआरज़ू
क्याज़िंदगीदवामसेआगेनिकलगई
'आसिम'वोकोईदोस्तनहींथाजोठहरता
दुनियाथीअपनेकामसेआगेनिकलगई
  - Liyaqat Ali Aasim
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