ishq baar-e-digar hua hi nahin | इश्क़ बार-ए-दिगर हुआ ही नहीं

  - Liyaqat Ali Aasim
इश्क़बार-ए-दिगरहुआहीनहीं
दिललगायाथादिललगाहीनहीं
एकसेलोगएकसीबातें
घरबदलनेकाफ़ाएदाहीनहीं
हमजहाँभीगएपलटआए
कोईतेरीतरहमिलाहीनहीं
ढूँडलातेवहींसेदिललेकिन
फिरवोमेलाकहींलगाहीनहीं
मैंनेअपनाहीहाथथामलिया
औरकोईक़रीबथाहीनहीं
इसतरहटोकताहूँऔरोंको
जैसेमैंझूटबोलताहीनहीं
वर्नासुक़रातमरगयाहोता
उसपियालेमेंज़हरथाहीनहीं
  - Liyaqat Ali Aasim
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