muslim hooñ par KHud pe qaabu rehta hai | मुस्लिम हूँ पर ख़ुद पे क़ाबू रहता है

  - Liaqat Jafri
मुस्लिमहूँपरख़ुदपेक़ाबूरहताहै
मेरेअंदरभीइकहिन्दूरहताहै
कोईजादूगरकेबाज़ूकाटभीदे
उसकेहाथमेंफिरभीजादूरहताहै
रातगएतकबच्चेदौड़तेरहतेहैं
मेरेकमरेमेंइकजुगनूरहताहै
'मीर'कादिवाना'ग़ालिब'काशैदाई
मेरीबस्तीमेंइकसाधूरहताहै
उसकेलबोंपरइंग्लिशविंग्लिशरहतीहै
मेरेहोंटपेउर्दूउर्दूरहताहै
अक़्लहज़ारोंभेसबदलतीरहतीहै
येदिलमरजानेतकबुद्धूरहताहै
  - Liaqat Jafri
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy