bisaat-e-rang-o-boo aatish-fishaan maaloom hoti hai | बिसात-ए-रंग-ओ-बू आतिश-फ़िशाँ मालूम होती है

  - Laxmi Narayan Farigh
बिसात-ए-रंग-ओ-बूआतिश-फ़िशाँमालूमहोतीहै
रग-ए-गुलमेंनिहाँबर्क़-ए-तपाँमालूमहोतीहै
तमन्नाहीसेक़ाएमहैवक़ार-ए-नौजवानीभी
तमन्नागरचेजिंस-ए-राएगाँमालूमहोतीहै
किनाराहैकोईइसकाइसकाकोईसाहिलहै
मोहब्बतएकबहर-ए-बे-कराँमालूमहोतीहै
गुज़िश्तावारदातोंपरमैंजबभीग़ौरकरताहूँ
मुझेहरवारदातइकदास्ताँमालूमहोतीहै
वफ़ा-कोशीकाजज़्बासर्दपड़जाताहैपीरीमें
वफ़ापरवर्दा-ए-फ़िक्र-ए-जवाँमालूमहोतीहै
असरबाक़ीअभीतकहैनिगाहोंमेंजवानीका
मुझेहरएकशयअबभीजवाँमालूमहोतीहै
जफ़ा-ओ-जौरकेक़िस्सेहैंअबभीमो'तबर'फ़ारिग़'
वफ़ाकीबातज़ेब-ए-दास्ताँमालूमहोतीहै
  - Laxmi Narayan Farigh
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