tujh se rishta na koi khaas shanaasaai hai | तुझ से रिश्ता न कोई ख़ास शनासाई है

  - Latif Shah Shahid
तुझसेरिश्ताकोईख़ासशनासाईहै
फिरभीइकउम्रसेदिलतेरातमन्नाईहै
अबकेउम्मीद-ए-वफ़ाबाँधरहाहूँजिससे
लोगकहतेहैंकिवोशख़्सभीहरजाईहै
दिलकीहरबातसेइंकारभीना-मुम्किनहै
मानलेनेमेंभीअंदेशा-ए-रुस्वाईहै
ख़ुदहीवोदर्दबनाख़ुदहीदवाबनबैठा
ख़ूबउसशख़्सकाअंदाज़-ए-मसीहाईहै
अबकेयूँँटूटकेबिखराहूँकिसीकीख़ातिर
मुझकोख़ुदअपनेबिखरनेकीसदाआईहै
मानताहूँतिरीआँखेंभीडुबोदेतीहैं
लेकिनअपनेभीख़यालातमेंगहराईहै
जा-ब-जाख़ाकपेटूटेहुएपरबिखरेहैं
ख़ूबबुलबुलनेचहकनेकीसज़ापाईहै
सुनकेमेरीवोजवाँ-मर्गकाबोले'शाहिद'
क्यावोशाइ'रजोमिरेनामकासौदाईहै
  - Latif Shah Shahid
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