teri soorat se aashna hooñ main | तेरी सूरत से आश्ना हूँ मैं

  - Latif Shah Shahid
तेरीसूरतसेआश्नाहूँमैं
यूँँहीपागलनहींहुआहूँमैं
दम-ब-दममुझकोआज़मातेहो
एकदुनियामेंक्याबचाहूँमैं
अजनबीहैवोख़ूब-रूलेकिन
लगरहाहैकिजानताहूँमैं
नागडसतातोमरजातामैं
हाएइसज़ुल्फ़काडसाहूँमैं
तेरीदुनियामेंक्यूँरहूँअबजब
तेरीमहफ़िलसेउठचुकाहूँमैं
छाछख़ुशियोंकीपीनहींसकताइश्क़केदूधकाजलाहूँमैं
मेरीफ़रियादसुननहींसकते
औरदा'वाहैकिख़ुदाहूँमैं
तेरीदहलीज़परक़दमरोके
जानेकिससोचमेंखड़ाहूँमैं
दिलसेनज़दीकयारसे'शाहिद'
दूरहोकरभीकबजुदाहूँमैं
  - Latif Shah Shahid
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