khabar bhi hai mohabbat ke parstaaron pe kya guzri | ख़बर भी है मोहब्बत के परस्तारों पे क्या गुज़री

  - Lateef Nazi
ख़बरभीहैमोहब्बतकेपरस्तारोंपेक्यागुज़री
कोईहैपोछनेवालाकिबीमारोंपेक्यागुज़री
अयादतसेवोजबपलटेंतोउनसेपूछलेकोई
वोकहदेंगेबख़ूबीदिलकेबीमारोंपेक्यागुज़री
दिल-ए-यूसुफ़सेक्यापूछेज़ुलेख़ासेज़राकोई
ख़रीदारोंपेक्यागुज़रीहैबाज़ारोंपेक्यागुज़री
समझहीमेंनहींआताकिहैयेराज़-ए-उल्फ़तक्या
बचेक्यूँँकरख़लीलुल्लाहअँगारोंपेक्यागुज़री
पूछोजल्वा-फ़रमाजबहुएवोनाज़-ओ-शोख़ीसे
हुआक्याहालदीवानोंकाहुशयारोंपेक्यागुज़री
तुमउठकरक्यागएमहफ़िलसेइकमहशरहुआबरपा
तुम्हेंमालूमहीक्याहैपरस्तारोंपेक्यागुज़री
हुआशागिर्दजबमैंहज़रत-ए-'महवी'का'नाज़ी'
तुझेकुछइल्महैसुनकर''ख़बरयारोंपेक्यागुज़री
  - Lateef Nazi
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