इश्क़काआलम-ए-इम्कानकिसेकहतेहैं
आजकलआपमिरीजानकिसेकहतेहैं
मुझकोबचपनमेंजोशैतानकहाकरतेथे
अबबताऊँगाकिशैतानकिसेकहतेहैं
मेरीआसानियाँमुश्किलमेंबदलजातीहैं
मैंनहींजानताआसानकिसेकहतेहैं
एकऔरतपेउठाहाथबतादेताहै
आदमीकौनहैइंसानकिसेकहतेहैं
अपनीदस्तारगिराजानबचानेवाले
तुमबताओगेकिअपमानकिसेकहतेहैं
इसलिएसीखलियाग़ैज़कोक़ाबूकरना
मुझकोमालूमहैनुक़्सानकिसेकहतेहैं
वोकभीदौलत-ओ-शोहरतपेनहींइतराते
जिनकोयेइल्महैशमशानकिसेकहतेहैं