banjar zameen pe phool ugaana shuroo karo | बंजर ज़मीं पे फूल उगाना शुरू करो

  - Lalit Pandey
बंजरज़मींपेफूलउगानाशुरूकरो
दीवानोजाओइश्क़निभानाशुरूकरो
क़िस्मतबदलगईसभीकीउसनेजबकहा
सारेनुजूमीहाथदिखानाशुरूकरो
पीनेलगीहैंतितलियाँख़ुशबूगुलाबकी
इनतितलियोंकोयारउड़ानाशुरूकरो
तुमदेखभालकरनहींपाएबुज़ुर्गोंकी
तोबदनसीबपेड़लगानाशुरुकरो
दिखनेलगेंगीकहकहोंकीसबउदासियाँ
इकबारमसख़रोंकोहँसानाशुरूकरो
रक्खोगेजोसँभालकेखोजाएगावही
जोपासमेंहैंउसकोगँवानाशुरूकरो
  - Lalit Pandey
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