उड़तेनहींथेपेड़सेजोतीरदेखकर
वोसबपरिंदेमरगएज़ंजीरदेखकर
इकदिनहमारेगाँवमेंइकसानिहाहुआ
सबलोगघरमेंछिपगएरहगीरदेखकर
जिसकीभीआँखलगगईहैसोचतेतुम्हें
वोसोरहाहैख़्वाबकीता'बीरदेखकर
मैंज़िंदगीकेसाथमुहब्बतमेंबदनसीब
ख़ुदकामलालकरताहूँतक़दीरदेखकर
पैकरबनातेवक़्तमुसव्विरबहकगए
सोकामलेरहाहूँमैंतस्वीरदेखकर
जबजबमैंसोचताहूँमुहब्बतभीछोड़दूँ
तबतबउमीदबढ़तीहैकश्मीरदेखकर