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Kushal "PARINDA"
saath tere thii zindagi raushan
saath tere thii zindagi raushan | साथ तेरे थी ज़िंदगी रौशन
- Kushal "PARINDA"
साथ
तेरे
थी
ज़िंदगी
रौशन
तेरे
बिन
हर
तरफ़
अँधेरा
है
- Kushal "PARINDA"
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बारिशें
जाड़े
की
और
तन्हा
बहुत
मेरा
किसान
जिस्म
और
इकलौता
कंबल
भीगता
है
साथ-साथ
Parveen Shakir
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सिर्फ़
तस्वीर
रह
गई
बाक़ी
जिस
में
हम
एक
साथ
बैठे
हैं
Ataul Hasan
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सफ़र
हालाँकि
तेरे
साथ
अच्छा
चल
रहा
है
बराबर
से
मगर
एक
और
रास्ता
चल
रहा
है
Shariq Kaifi
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दर्द-ए-मुहब्बत
दर्द-ए-जुदाई
दोनों
को
इक
साथ
मिला
तू
भी
तन्हा
मैं
भी
तन्हा
आ
इस
बात
पे
हाथ
मिला
Abrar Kashif
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ज़रा
पाने
की
चाहत
में
बहुत
कुछ
छूट
जाता
है
नदी
का
साथ
देता
हूँ
समुंदर
रूठ
जाता
है
Aalok Shrivastav
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मैं
जिस
के
साथ
कई
दिन
गुज़ार
आया
हूँ
वो
मेरे
साथ
बसर
रात
क्यूँँ
नहीं
करता
Tehzeeb Hafi
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ये
ज़ुल्फ़
अगर
खुल
के
बिखर
जाए
तो
अच्छा
इस
रात
की
तक़दीर
सँवर
जाए
तो
अच्छा
जिस
तरह
से
थोड़ी
सी
तेरे
साथ
कटी
है
बाक़ी
भी
उसी
तरह
गुज़र
जाए
तो
अच्छा
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Sahir Ludhianvi
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जता
दिया
कि
मोहब्बत
में
ग़म
भी
होते
हैं
दिया
गुलाब
तो
काँटे
भी
थे
गुलाब
के
साथ
Rehman Faris
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हम
ऐसे
लोग
भी
जाने
कहाँ
से
आते
हैं
ख़ुशी
में
रोते
हैं
जो
ग़म
में
मुस्कुराते
हैं
हमारा
साथ
भला
कब
तलक
निभाते
आप
कभी
कभी
तो
हमीं
ख़ुद
से
ऊब
जाते
हैं
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Mohit Dixit
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जाने
अब
वो
किसके
साथ
निकलता
होगा
रातों
को
जाने
कौन
लगाता
होगा
दो
घंटे
तैयारी
में
Danish Naqvi
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परेशानी
तो
है
उसको
कि
मैं
अब
लौट
आया
हूँ
हूँ
ज़िन्दा
मैं
उसे
इस
बात
ने
आफ़त
में
डाला
है
Kushal "PARINDA"
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जिसने
दिल
तोड़कर
बिखेेरा
है
उसकी
यादों
ने
आ
के
घेरा
है
छोड़
आया
जिसे
तेरी
ख़ातिर
वो
ही
पुरवा
तो
इक
बसेरा
है
तेरी
नज़रों
में
दिल-लगी
होगी
मेरी
नज़रों
में
इश्क़
तेरा
है
साथ
तेरे
थी
ज़िंदगी
रौशन
तेरे
बिन
हर
तरफ़
अँधेरा
है
तेरी
राहों
में
ही
मैं
हूॅं
भटका
पर
ठिकाना
भी
तू
ही
मेरा
है
मैं
परिंदा
मेरे
लिए
पौधा
रात
के
बाद
का
सवेरा
है
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Kushal "PARINDA"
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जकड़
ले
गर
हमें
पहलू
में
कोई
तो
ये
समझो,
ख़ज़ाना
मानता
है
Kushal "PARINDA"
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कहीं
पर
दूर
दरिया
के
किनारों
पर
खड़े
हैं
हम
तेरे
दिल
से
निकाले,
दर-बदर
होकर
खड़े
हैं
हम
Kushal "PARINDA"
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वो
तुम
सेे
दूर
कैसा
है
ये
तुम
भी
सोच
कर
देखो
वो
जैसे
नोचता
है
बाल
तुम
भी
नोच
कर
देखो
Kushal "PARINDA"
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